बारां में AAP का बड़ा उलटफेर, 60 में 32 वार्ड जीतकर बनाया बहुमत

0

बारां। राजस्थान के स्थानीय निकाय चुनाव में बारां नगर परिषद का नतीजा सियासी तौर पर खासा चौंकाने वाला रहा। आम आदमी पार्टी (AAP) ने यहां 60 में से 32 वार्डों में जीत दर्ज कर नगर परिषद में स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया। कांग्रेस 17 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को 9 वार्डों में जीत मिली। दो सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गईं।

AAP के 32 पार्षदों के साथ बारां नगर परिषद में बोर्ड बनाने के लिए जरूरी 31 सीटों का आंकड़ा भी पार हो गया है। इसका मतलब है कि पार्टी को बोर्ड गठन के लिए किसी दूसरे दल या निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की जरूरत नहीं होगी।

BJP-कांग्रेस के बीच AAP ने बदला मुकाबले का समीकरण

राजस्थान की राजनीति लंबे समय से मुख्य रूप से BJP और कांग्रेस के बीच मुकाबले के लिए जानी जाती है। ऐसे में बारां नगर परिषद में AAP का बहुमत हासिल करना राज्य की स्थानीय राजनीति में पार्टी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

इस चुनाव में कांग्रेस 17 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही, जबकि BJP सिर्फ 9 वार्ड जीत सकी। निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी दो सीटों पर जीत दर्ज की।

2020 के नगर परिषद चुनाव में तस्वीर अलग थी। उस समय कांग्रेस ने 32, BJP ने 21 और निर्दलीय उम्मीदवारों ने 7 सीटें जीती थीं। हालांकि इस बार वार्डों की सीमाओं में बदलाव हुआ है, इसलिए दोनों चुनावों के सीट आंकड़ों की सीधी तुलना सावधानी से करनी होगी।

AAP के लिए राजस्थान में अहम संकेत

बारां का परिणाम AAP के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी ने राजस्थान में स्थानीय स्तर पर अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

राजस्थान के मौजूदा निकाय चुनावों में BJP और कांग्रेस के अलावा छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी कई जगहों पर मुकाबले को प्रभावित किया है। बारां में AAP का प्रदर्शन इस बात का संकेत देता है कि स्थानीय चुनावों में मतदाता पारंपरिक दो-दलीय मुकाबले से अलग विकल्पों को भी जगह दे सकते हैं।

हालांकि एक नगर परिषद के नतीजे को पूरे राजस्थान के राजनीतिक मूड का संकेत मानना जल्दबाजी होगी। स्थानीय चुनावों में उम्मीदवार की व्यक्तिगत पकड़, स्थानीय मुद्दे, वार्ड स्तर के समीकरण और संगठन की ताकत जैसे कारक भी परिणामों पर बड़ा असर डालते हैं।

अब सभापति के चुनाव पर नजर

बारां नगर परिषद में सभापति का पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित है। AAP के पास 32 पार्षद होने के कारण पार्टी के पास सभापति का चुनाव जीतने के लिए पर्याप्त संख्या है।

इस जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि AAP किस पार्षद को सभापति पद के लिए मैदान में उतारती है और अगले पांच वर्षों के लिए बारां नगर परिषद की राजनीतिक दिशा क्या रहती है।

राजस्थान के 2026 निकाय चुनावों में कुल 309 शहरी स्थानीय निकायों के लिए चुनाव हुए हैं, जिनमें 10 नगर निगम, 51 नगर परिषद और 248 नगर पालिकाएं शामिल हैं। मतदान 9 और 11 सितंबर को दो चरणों में हुआ और नतीजे 14 सितंबर को सामने आ रहे हैं।

बारां का फैसला इसलिए खास है क्योंकि यहां AAP ने सिर्फ विपक्षी दलों को चुनौती नहीं दी, बल्कि 60 में 32 सीटें जीतकर सीधे नगर परिषद में बहुमत हासिल कर लिया। अब देखना होगा कि यह जीत बारां तक सीमित रहती है या राजस्थान में AAP के लिए व्यापक राजनीतिक विस्तार की शुरुआत बनती है।

Author: Akshay Srivastava

Leave A Reply

Your email address will not be published.