नई दिल्ली |
बाड़मेर जिले के झाक निवासी प्रगतिशील किसान एवं आईजी थार विलेज के संस्थापक डॉ. देवाराम पंवार को राष्ट्रीय स्तर पर नवोन्मेषी किसान अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। यह सम्मान पूसा कृषि विज्ञान मेला, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रदान किया गया।
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार आईसीएआर-भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद तथा भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली द्वारा आयोजित मेले में दिया गया।
आईजी थार विलेज को कृषि एवं पशुपालन के क्षेत्र में किए गए सतत और नवोन्मेषी प्रयासों के लिए विशेष रूप से चयनित किया गया।
डॉ. पंवार द्वारा विकसित शुष्क क्षेत्र आधारित सतत कृषि मॉडल में बकरी के दूध से प्राकृतिक साबुन निर्माण, एलोवेरा आधारित उत्पाद, सूखा-सहनशील फसलें तथा पशुपालन का एकीकृत मॉडल शामिल है। इन नवाचारों से न केवल ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा मिला है, बल्कि स्थानीय किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने की प्रेरणा भी मिली है। बाड़मेर जैसे कठोर जलवायु वाले क्षेत्र में यह मॉडल एक आदर्श उदाहरण बनकर उभरा है।
मेले के उद्घाटन अवसर पर शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि मंत्री, ने ऐसे नवोन्मेषी किसानों की सराहना करते हुए दूसरी हरित क्रांति के लिए आधुनिक तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
यह उपलब्धि राजस्थान के थार क्षेत्र एवं बाड़मेर जिले के लिए विशेष गौरव का विषय है। उल्लेखनीय है कि बाड़मेर जिले में यह पहला अवसर है, जब किसी किसान को यह राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
यह सम्मान डॉ. राजेंद्र सिंह परोदा (पूर्व सचिव, डेयर एवं महानिदेशक, आईसीएआर),
डॉ. सी.एच. श्रीनिवास राव (निदेशक, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली)
तथा डॉ. आर. एन. पड़ारिया (संयुक्त निदेशक (प्रसार), आईएआरआई) द्वारा प्रदान किया गया।